सफेद जंग (White rust) के लक्षण और प्रबंधन

सफेद जंग कवक रोग गुलदाउदी, सरसों, रेपसीड, गेंदा, पत्ता गोभी, फूलगोभी, ब्रोकली में होने वाला प्रमुख रोग है। वाइट रस्ट नम स्थितियों में आम तौर पर देखा जा सकता है, और इसके अनियंत्रण से फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है।

वाइट रस्ट / सफ़ेद रतुआ के लक्षण  

  • प्रारंभिक संक्रमण के समय सफेद बारीक/छोटे छाले (pustules) पत्तियों की सतह के नीचे दिखाई देंगे ।
  • नम परिस्थितियों में दोनों तरफ सफेद बारीक/छोटे छाले विकसित हो जाते है। पतियों और पंखुरियों पर छाले अधिक होते है।
  • इन छालो के ठीक ऊपर पत्तियों की ऊपरी सतह पर हल्के भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं जो बाद में विकसित होकर फट जाते हैं।
  • बड़ी संख्या में छाले अंततः बड़े पैच बनकर प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को बाधित करते हैं।
  • पुष्प भागों में गंभीर संक्रमण होने पर सूजन के साथ विकार आकर और  "स्टैगहेड" विकसित करते हैं  जिसमें फूल बाँझ हो जाते है।

 




फसलों में सफेद जंग प्रबंधन

समय पर निम्नलिखित दवाओं के उपयोग से सफ़ेद रस्ट रोग का नियंत्रण किया जा सकता है और फसलों के बेहतर विकास और कुछ आवश्यक पोषक तत्वों का भी पूरक कर सकते है।

छिड़काव

1.क्रिस्टल टिल्ट कवकनाशी -0.5 मिली लीटर / पानी + नीमोईल (10,000)- 1 मिली लीटर/ पानी + मल्टीप्लेक्स क्रांति  - 2 मिली/लीटर पानी

 

2.कवच कवकनाशी - 2  ग्राम /लीटर + एकोनीमप्लस - 1 मिली/लीटर पानी + तापस तेज ग्रोथ बूस्टर- 3  मिली/लीटर पानी।­­­



3.स्कोर कवकनाशी -0.5 मिली/लीटर पानी+ एकोनीमप्लस-1 मिली/लीटर पानी+ इसाबियन ग्रोथ प्रमोटर-2 मिली/लीटर पानी।

 

Created by:
Maneesha Kaushik
SME

BigHaat.

 

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