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आम की फसल में फलों की मक्खियां का प्रभावी प्रबंधन

Posted by Dr. Asha K M on

आम भारत की सबसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक फलों की फसलों में से एक हैघरेलू सेवन के अलावा यह भारत से विभिन्न अन्य देशों को भी निर्यात किया जाता है ।हालांकि, आम के फल विशेष रूप से फल विकास और फल पकने के चरण के दौरान फलों की मक्खियों के हमले से प्रभावित होते हैं, जिससे  उपज का 25-30% नुकसान होता है। यदि कीट की आबादी ज्यादा और संक्रमण गंभीर है तो यह 100% उपज हानि का कारण बन सकता है। फलों की  मक्खियों द्वारा संक्रमित फल गुणवत्ता खो देते है और बाजार में बहुत कम कीमत और मांग लाते हैं , जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान होता है।

 

विशेष रूप से निर्यात के दौरान फलों को फल मक्खियों के संक्रमण से मुक्त होने के लिए जाँच के बाद ही निर्यात करने की अनुमति दी जाती है। यदि कीट के लार्वा किसी भी समय पाए जाते हैं, तो फलों के पूरे बैच को निर्यात के लिए खारिज कर दिया जाता है।

इसलिए, निर्यात के लिए आम उगाने वाले किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और फलों को फल  मक्खियों से दूर रखने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।इसके लिए, किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन को अपनाने की आवश्यकता है, जिसके साथ वे प्रभावी रूप से फल मक्खियों को नियंत्रित कर सकते हैं और स्वस्थ आम के फल विकसित कर सकते हैं।

 

लक्षण:

 

वयस्क मादा फल मक्खी फलों में छेद करती है और विकसित फलों के आंतरिक ऊतकों में अंडे दे देती हैं।   हैचिंग के बाद, पीले लार्वा (कैटरपिलर) आंतरिक गूदा खाना शुरू करते हैं जिससे फल सड़ने लगते हैं। आप संक्रमित फलों पर काले धब्बे / छिद्र भी पा सकते हैं।इस संक्रमण के कारण, फल समय से पहले ही पक जाएंगे या प्रभावित फल सड़ सकते हैं और जमीन पर गिर सकते हैं।

लार्वा जब फल खाते हैं तब संक्रमित फलों में हम चिपचिपा रस स्त्राव देख सकते हैं, बाद में प्रभावित फलों की सतह पर लार्वा के निकलने के छेद दिखाई देते हैं।

 

कारण:

  1. फल मक्खी के लार्वा मिट्टी में रहकर अपना जीवन चक्र पूरा करते हैं और बाद में मक्खी बनकर निकलते हैं और फसल को संक्रमित करते हैं।

     2. फलों की मक्खियों से प्रभावित होने वाली फसलें जैसे कि तरबूज, खरबूज, लौकी, नींबू, अमरूद, पपीता आदि, आपके आम के बाग में या बाग के पास हैं तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

      3. एक ही बाग में विभिन्न परिपक्वता चक्रों के साथ विभिन्न आम की किस्में उगाना चाहिए। चूंकि फल मक्खियाँ विशेष रूप से फलों के विकास के दौरान फसल पर हमला करती हैं, इसलिए देर से पकने वाली किस्मों को अक्सर फल की मक्खियों के जीवनकाल और अधिक जीवन चक्र के कारण सबसे अधिक प्रभावित होती हैं।

  1. जंगली घास/ खरपतवार की उपस्थिति जो वैकल्पिक मेजबान के रूप में कार्य कर सकती है

  2. ऊपर की मिट्टी की 10 cm तक गुड़ाई करें ताकि प्यूपा को धूप लगे और वो मर जाएँ ताकि संक्रमण न फैले।   

  3. आम की उन किस्मों को उगाएं जिनका विकास चक्र एक जैसा हो। 

  4. उन पौधों की किस्में लगाएं जिनमें फल जल्दी पकते हैं ताकि वो जल्दी बाजार में आएं जब फलों की मक्खियों की आबादी कम हो।

  

निवारक उपाय:

  1. हर दिन सभी गिरे हुए फलों को इकट्ठा करके जल्दी से नष्ट कर दें

  1. आम की बाग या पास के बाग में फलों की मक्खियों से संक्रमित होने वाली फसलें लगाने से बचें

  2. बागों में किसी भी जंगली या पुराने पेड़ों को हटा दें अन्यथा संक्रमण फ़ैलाने में ये योगदान दे सकते हैं

  1.  पेड़ों के चारों ओर खरपतवार हटा दें और बाग में स्वच्छता बनाए रखें, जिससे गिरे हुए फलों को चुनना आसान हो जाता है

 

       5. ऊपर की मिट्टी की 10 cm तक गुड़ाई करें ताकि प्यूपा को धूप लगे और वो मर जाएँ ताकि संक्रमण न फैले।   

       6. आम की उन किस्मों को उगाएं जिनका विकास चक्र एक जैसा हो। 

                

      7. उन पौधों की किस्में लगाएं जिनमें फल जल्दी पकते हैं ताकि वो जल्दी बाजार में आएं जब फलों की मक्खियों की आबादी कम हो।

 

प्रबंधन:

इस गंभीर कीट का प्रबंधन करने के लिए, किसानों को एहतियाती उपाय करने चाहिए ताकि संक्रमण न फैले, जिसके लिए किसानों को एकीकृत कीट प्रबंधन रणनीतियों को अपनाना चाहिए जैसे कि ऊपर लिखे हुए सभी निवारक उपायों का पालन करना और कटाई तक फलों के विकास के चरण के दौरान फल मक्खी के जाल को अनिवार्य रूप से खड़ा करना और यदि आवश्यक हो तो रासायनिक कीटनाशकों का न्यूनतम उपयोग।

ये रणनीतियां किसानों को  फल मक्खियों के संक्रमण को अधिकतम सीमा तक रोकने में मदद करेंगी और अच्छी गुणवत्ता वाले फलों के साथ उच्च उपज सुनिश्चित करेंगी।

 

1. आम की फल मक्खियों को नियंत्रित करने की जैविक विधियां

फलों के विकास के चरण से फलों की पूर्ण कटाई तक बाग में फल मक्खी फेरोमोन के साथ जाल की स्थापना, फल मक्खी के संक्रमण के  प्रभावी रोकथाम और प्रबंधन के लिए आवश्यक है।

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2. कीटनाशकों के साथ स्प्रे

जब आवश्यक हो, फलों की मक्खी के जाल की स्थापना के साथ-साथ सीमित मात्रा में कीटनाशकों के साथ स्प्रे करने से आम में फल मक्खियों के प्रबंधन में मदद मिलेगी।

कराटे @ 2 एमएल / लीटर  या अलिका @ 0.4  एमएल / लीटर  या  एकलक्स  @ 2  एमएल / लीटर  + नीम तेल (Econeem Plus) के साथ स्प्रे आम में फल मक्खियों को नियंत्रित करने में मदद करेगा।

 

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Sujatha Rai

BigHaat

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अधिक जानकारी के लिए कृपया 8050797979 पर कॉल करें या कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच 180030002434 पर मिस्ड कॉल दें

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अस्वीकरण: उत्पाद का प्रदर्शन निर्माता के दिशानिर्देशों के अनुसार उपयोग के अधीन है। उपयोग करने से पहले उत्पाद  के संलग्न पत्रक को ध्यान से पढ़ें। इस उत्पाद का उपयोग / जानकारी उपयोगकर्ता के विवेक पर है |

 

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