Sale

Unavailable

Sold Out

Use Coupon code BHNEW2 to get 2% discount on your First Order. CASH ON Delivery(COD) IS NOW AVAILABLE ACROSS INDIA. FREE SHIPPING ON ORDERS OVER RS. 899
Agricultural Machinery Menu
0

फॉल आर्मी वर्म (सैनिक कीट ) का समन्वित नियंत्रण

Posted by BigHaat India on

                            Fall army worm

जिसको हिंदी में सैनिक कीट के नाम से जानते हैं, अभी हाल ही  में यह कीट मक्का  में अत्यधिक नुकसान पहुँचा रहा हैं l

                            Fall Army worm larvae identification

 सैनिक कीट की पहचान, जीवन चक्र व क्षति

  इसके जीवन चक्र में चार अवस्थाएँ होती हैं-

  1. अंडा
  2. लार्वा- लट
  3. प्यूपा- कोष
  4. एडल्ट - इसे मॉथ और पतंगा के नाम से भी जानते हैं l

                             Fall army worm infestation

  1. अंडा-

पतंगा एक बार में 50-200 अंडे खरपतवार व घास की ऊपर की सतह पर समूह के रूप मे देता हैं जो हल्के हरे व सफ़ेद रंग के होते हैं l

                              Fall army worms eggs

  1. लार्वा (लट)

यह फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुँचाने वाली अवस्था है, जिसे साधारण भाषा में लट के नाम से जानते हैं, इसका रंग शुरुआत मे हरा व बाद मे भूरा होता हैं, इसके अग्र भाग पर उल्टा Y व पीछे के भाग पर चार काले रंग के धब्बे होते हैं l यह दिन के समय मृदा में रहती हैं और रात्रि के समय मृदा की ऊपरी सतह पर आकर फसल को नुकसान पहुँचाती हैं l

                    Fall Army worm emerged larvae   Fall Army worm larvae

यह सबसे पहले पत्ती को बीच में से खाकर छिद्र कर देती हैं, उसके बाद धीरे- धीरे तने का रस चूसकर उसे खाकर खोखला कर देती हैं, इस तरह पूर्ण पौधे को एवं फसल को बहुत शीघ्र ही नष्ट कर देती हैं l

 3. कोष –

जो मृदा में 2-8 सेंटीमीटर गहराई में सुषुप्ता अवस्था में पाई जाती हैं, इसकी यह अवस्था नुकसान नहीं पहुँचाती हैं l

                                     Fall Army worm pupae

  1. पतंगा –

यह अत्यधिक गतिशील होती हैं जो एक रात्रि में 100 किलोमीटर तक भ्रमण कर सकता है, यह अवस्था भी फसल के लिए नुकसान दायक नहीं होती हैं l

                                    Fall Army worm adult

सैनिक कीट का नियंत्रण –

 हम इसका नियंत्रण जैविक और रासायनिक दोनों पद्धति द्वारा कर सकते हैं l अगर प्रकोप पहली या दूसरी अवस्था में हैं, तो जैविक नियंत्रण  कारगर रहता हैं l   

 1.रासायनिक नियंत्रण -

रासायनिक नियंत्रण में एमामेक्टिन बेंजोएट, कोराजन, एमप्लिगो अथवा फेम जैसी दवा का स्प्रे कर सकते हैं l

                 Chemical control of fall army worm

  1. जैविक नियंत्रण –

सैनिक कीट का जैविक नियंत्रण बेसिलस थुरीजेंसिस के द्वारा का सकते हैं, इसमें डेल्फिन (बेसिलस थुरजेन्सिस) 1 ग्राम / लीटर पानी में मिलाकर फसल पर स्प्रे कर सकते हैं, और ब्रॉडकास्टिंग भी कर सकते हैं l

                              Organic spray to control Fall army worm in maize

 ज़हर पाश (बेयट मिक्सचर )-

यह ज़हर का मिक्सचर होता हैं इसमें ज़हर : धान का भूसा : गुड़ 1:10:1 के मिश्रण में बनाकर शाम के समय पौधों के नज़दीक डालने से गुड़ की मिठास की गंध से कीट आकर आकर्षित होते हैं, और खाकर मर जाते हैं l

ज़हर पाश बनाने के लिए ज़हर जैविक और अजैविक दोनों उपयोग में ला सकते हैं -

जैविक पाश - डेल्फिन (बेसिलस थुरजेन्सिस)

                              controlling fall army worm with organic baits

रासायनिक पाश - स्टमक पाइजन (मोनोक्रोटोफॉस, मेलाथिऑन अथवा लार्वीन )

                         controlling fall army worm with chemical baits

  1. पेरा फेरामोन ट्रैप ( जाल )-

यह एक प्रकार का कीट जाल है, इसमें मादा कीट का ल्यूर लगा होता हैं, जो नर कीट को अपनी और आकर्षित करता हैं, इसके द्वारा नर कीट को मारा जा सकता हैं l

                           Pheromone traps  with lures installed for Fall Army worm

एक (1) हैंक्टर मे 10 जाल समान दुरी पर लगाना चाहिए, इससे यह लाभ मिलता हैं की अब शेष बची हुए मादा कीट बिना निषेचन के अनिषेचित अंडे देगी, जिससे अंडे लट में नहीं बदल पाएँगे l

                             Pheromone traps  with lures installed for Fall Army worm

इस प्रकार से हम सैनिक कीट का उचित समन्वित किट नियंत्रण कर सकते हैं l 

 

Minal Patni
Subject Matter Expert
BigHaat

For more information kindly call on 8050797979 or give missed call on 180030002434 during office hours 10 AM to 5 PM

Disclaimer: The performance of the product (s) is subject to usage as per manufacturer guidelines. Read enclosed leaflet of the product(s) carefully before use. The use of this product(s)/ information is at the discretion of user.


Share this post



← Older Post Newer Post →


Leave a comment